मध्यप्रदेश के छोटे इलाके दमोह से मुम्बई फ़िल्म इंडस्ट्री तक पहुंचने की जागृति की कहानी है काफी प्रेरणादायक, अभिनेत्री जागृति सिंह परिहार को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। टीवी शो भाभीजी घर पर हैं  में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए वह काफी लोकप्रिय हैं। अभिनेत्री जागृति सिंह परिहार सिर्फ एक शो में कई किरदारों को निभाने का पूरा श्रेय निर्माताओं को देती है। गौरतलब है कि जागृति ने इस शो में करीब 12 किरदार निभाए हैं।
वह कहती हैं “मैं वाकई भाभीजी घर पर है का हिस्सा बनकर भाग्यशाली हूं। मुझे एक ही शो में कई भूमिकाएं निभाने का सौभाग्य मिला है। मुझे नहीं लगता कि ऐसा किसी एक्टर ने भी किया है। एक एयर होस्टेस की भूमिका निभाने से लेकर एक पड़ोसी से लेकर, एक ठग से लेकर नौकरानी तक, मैंने कई तरह की भूमिकाएँ की हैं, जो सभी एक-दूसरे से अलग हैं।”
जागृति का मानना है कि “किसी भी शो का कैरेक्टर स्केच सबसे ज्यादा मायने रखता है। यदि किरदार आकर्षक है और अच्छी तरह से लिखा और ढाला गया है, तो दर्शको को याद रह जाता है।”
जागृति सिंह परिहार मध्यप्रदेश के दमोह जिला की रहने वाली हैं। स्कूल की पढ़ाई दमोह से ही की और आगे की पढ़ाई के के लिए भोपाल गईं। मास्टर इन स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी की डिग्री हासिल की। मिस भोपाल के पेजेंट में वह रनरअप रहीं। कई ब्यूटी पेजेंट्स में विनर भी रहीं। मुम्बई के नानावती अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम शुरू किया। साथ ही वह एक्टिंग के लिए ऑडिशन भी देती रहीं। 4-5 महीने नानावती अस्पताल में काम करने के बाद उन्हें विख्यात सीरियल भाभी जी घर पर हैं में काम मिल गया।
छेदी सिंह की पत्नी गुलबिया के रोल में उनकी इस शो में एंट्री हुई थी बाद में मास्टरजी की पत्नी सहित कई रोल किए। चिड़ियाघर, हप्पू की उल्टन पलटन, जीजा जी छत पर हैं सहित और भी कई सीरियल्स में जागृति ने काम किया है। पिछले डेढ़ दो साल से उन्हें म्यूज़िक वीडियो के भी ऑफर आ रहे हैं। उनके दो गाने “हार ले” और “देसी” रिलीज होकर लोकप्रिय हो चुके हैं। इनके अलावा 4-5 सांग्स आने वाले हैं उनमें से एक “हंजू” गीत इसी माह आने वाला है।
सीरियल, म्यूज़िक वीडियो के अलावा 2 तेलगु फिल्मों में भी वह नजर आने वाली हैं। एक फ़िल्म की शूटिंग कम्प्लीट हो गई है जबकि एक फिल्म की शूटिंग चल रही है।
बचपन से ऐश्वर्या राय की बहुत बड़ी फैन रही जागृति सिंह परिहार ऐश्वर्या के गानों पर डांस करती थीं। स्कूल में जब वह डांस पेश करती थीं तो उनकी सहेलियां बहुत इम्प्रेस होती थीं और उन्हें बॉलीवुड इंडस्ट्री में जाने के लिए कहती थी। कॉलेज में भी जागृति को लोग हीरोइन बनने की बात कहते थे। उन्हें ऎक्ट्रेस बनने के लिए मोटिवेट करते थे लेकिन जागृति पढ़ाई लिखाई को प्राथमिकता देने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा कि पढ़ाई बीच मे अधूरी छोड़कर अपना शौक पूरा करने के लिए फ़िल्म इंडस्ट्री में संघर्ष करें।
मिस वर्ल्ड ग्लोरी में थर्ड रनरअप रहीं जागृति सिंह परिहार कहती हैं कि अगर आपके अंदर कोई कला है तो वह छुपती नहीं है। मुम्बई शहर तो वैसे भी आर्ट प्रेमी रहा है।
चूंकि वह छोटे से शहर से बिलॉन्ग करती हैं इसलिए उन्होंने कभी भी पढ़ाई के दौरान घरवालों को ऎक्ट्रेस बनने के अपने शौक के बारे में नहीं बताया। जब भाभी जी घर पे हैं में उनका सेलेक्शन हो गया, शूट हो गया और पहला एपिसोड टेलीकास्ट हो गया तब उन्होंने घरवालों को अभिनय के बारे में बताया। चूंकि यह सीरियल उनके घरवाले, तमाम रिश्तेदार देखते थे, आज भी देखते हैं तो उन्होंने जब पहली बार उन्हें टीवी पर देखा तो वे सब हद से अधिक खुश हो गए उन्होंने जागृति से पूछा कि अरे तुम वहां कैसे पहुंच गई?
वह मानती हैं कि एजुकेशन इंसान को जिंदगी में कुछ भी सिस्टम से करना सिखा देती है। शिक्षा आपको इंटेलिजेंट बनाती है, ग्रूम करती है। एमपी के दमोह जैसे छोटे शहर की वो लडकिया जो एक्टिंग में रुचि रखती हैं और मुम्बई जाकर अपना ख्वाब पूरा करना चाहती हैं उनके लिए जागृति कहती हैं कि मैं इनसे कहूँगी कि आप अपनी शिक्षा सबसे पहले पूरी करें। एजुकेशन आपको अपने पैरों पे खड़े रहना सिखाती है। जो लड़कियां पढ़ाई छोड़कर मुम्बई आ जाती हैं उनके लिए करो या मरो की स्थिति होती है। कई लड़कियां बाद में अफसोस करती हैं कि उन्होंने पढाई पूरी नहीं की।
जागृति कहती हैं कि साउथ फ़िल्म इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव कमाल का रहा। वहां बड़ा पंक्चुअल काम होता है और कलाकारों को बड़ा सम्मान मिलता है।

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छायाकार : रमाकांत मुंडे मुंबई

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